धीरे धीरे पड़ने लगे हैं इंदौर का सिटीस्केप बदलने के बीज




आज इन्दौर विकास प्राधिकरण की मीटिंग में कुछ आवश्यक फैसले लिए गए, सबसे ज़रूरी फैसला था  पुराने विजय नगर बस स्टैंड के साथ लगी रिक्त भूमि को इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए as & when required की प्रक्रिया के अन्दर जोड़ना| इस तरह के किसी निर्णय के कयास लगाए जा रहे थे| सिद्धांत रूप में इस तरह का प्रस्ताव आने से मेट्रो रेल की परियोजना को तो गति मिलेगी ही| साथ ही साथ इंदौर के सिटी स्केप में भी नए परिवर्तन आने की पूरी सम्भावना भी बनेगी|

वैसे कल हुई मीटिंग इंदौर के सिटी स्केप में एक परिवर्तन और भी ले आई हैं| योजना क्रमांक 140 आनंदवन फेज-1 में व्यवसायिक कक्ष क्रमांक 3 एवं 4 में स्टार्ट अप प्रोजेक्ट (इन्क्युबेशन सेंटर) हेतु राशि रूपये 337.41 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस प्रकार स्टार्ट अप प्रोजेक्ट (इन्क्युबेशन सेंटर) बन जाने से युवा उद्यमियों को अपना उद्यम चालू करने में आवश्यक दिशा निर्देश प्राप्त हो सकेगा।

इंदौर विकास प्राधिकरण की ओर से उठाये गए ये कदम आज ज़रूर ऊँट के मूंह में जीरे जैसे नज़र आ रहे हैं, मगर शहर की संरचना से जुड़े और शहर के विकास में उद्यत रियल एस्टेट से जुड़े लोग इस जीरे की तासीर से विकास के ऊँट के आकार का अनुमान भी लगा सकते हैं|

इन्दौर विकास प्राधिकरण की टी.पी.एस.-01, टी.पी.एस.-03, टी.पी.एस.-05 एवं टी.पी.एस.-08 में समाविष्ट भू-धारकों का राजस्व रेकार्ड में लेण्ड पुलिंग एक्ट के अंतर्गत संशोधन एवं सुधार किया जाना प्रक्रियात्मक रूप से आवश्यक है। संचालक मण्डल द्वारा इस संबंध में प्रकरण पर गहन विचार विमश करने के उपरांत उक्त की प्रक्रिया निश्चित की गई तद्नुसार जिला कलेक्टर द्वारा आवश्यक निर्देश समयसीमा में प्राप्त किये जाकर आवश्यक संशोधन किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये।

इस मीटिंग में उपस्थित पदाधिकारियों ने निर्णय लिया की उपरोक्त विषयों की प्रोग्रेस रिपोर्ट अब छोटे अंतरालो से में की जायेगी तथा सारे निर्णय त्वरित गति से लिए जायेंगे|

इस मीटिंग में आज श्री जयपालसिंह चावडा, अध्यक्ष, श्री मनीष सिंह, कलेक्टर, इन्दौर, सुश्री प्रतिभा पाल, आयुक्त, नगर पालिक निगम, इन्दौर, श्री बी.के. चौहान, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग, इन्दौर, श्री एस.के. मुदगल, संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, इन्दौर, श्री पुनित दुष, कार्यपालक निर्देशक, म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं. श्री अजय श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री, पी.एच.ई. विभाग, इन्दौर एवं श्री आर.पी. अहिरवार, मुख्य कार्यपालिक अधिकारी, इ.वि.प्रा., इन्दौर उपस्थित थे।

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