Indore Mayor Election 2021: प्रत्याशी चयन को लेकर असमंजस के भंवर और सामंजस्य के ज्वार भाटे में डूबते उतराते शीर्ष नेतृत्व

 


पिछले दिनों इंदौर की पोपुलर कल्चर मीडिया हमेशा की तरह  चुनावों का बालाजी ब्रांड धारावाहिक लिखने में व्यस्त थी| कांग्रेस ने तार्किक आधार पर गणना कर श्री संजय शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया| पोपुलर कल्चर मीडिया ने पता नहीं किन धुआं धुआं सोर्सेज के दम पर धुआंधार रिपोर्टिंग की और श्री रमेश मेंदोला जी तकरीबन प्रत्याशी बना ही दिया| ये धुआं तब छटा जब बी जे पी नेतृत्व ने  ऑफिशियली सांसद श्री शंकर ललवानी को इंदौर का चुनाव प्रभारी बनाया|



कांग्रेस ने श्री संजय शुक्ला ( Sanjay Shukla) को मेयर पद का प्रत्याशी ( Indore Mayor Candidate 2021) बना कर जो चुनावी बिगुल बजाया उसकी वजह से उन्हें जो शुरूआती लीड मिली है| इस लीड का आंकलन OWLC की सर्वे टीम ने एक Participative and Qualitative survey के ज़रिये पिछले दिनों किया था| जिसका असर ये हुआ की अब इस लीड का आंकलन दोनों ही पार्टिया बड़ी बारीकी से कर रही है|

विगत दिनों के सांसद श्री शंकर ललवानी ने OWLC टीम से कांग्रेस की शुरूआती लीड के बारे में बात करते हुए कहा की, देर से कैंडिडेट डिक्लेअर करना भाजपा के लिए कोई नयी बात नहीं है| ज़रूरी बात ये है की माइक्रोलेवल यानी वार्ड और बूथ के लेवल पर हमारी तैयारी पूरी है| हम मतदाता के लगातार सम्पर्क में हैं और इस बार भी भाजपा प्रत्याशियों के चेहरे में आपको जनता का समर्थन और उनकी निर्विवादित  की पसंद ही नज़र आएगी|



अपने वक्तव्य को corroborate करने के लिए ललवानी जी ने पिछले लोकसभा चुनावो का हवाला दिया| उन्होंने याद दिलाया की किस तरह वो Eleventh Hour में प्रत्याशी बने और फिर देखते ही देखते साडे पांच लाख मतों के विशाल अंतर से उन्होंने अपने निकटतम प्रत्याशी को परास्त किया|

आंकड़े यकीनन अपनी कहानी खुद कहते हैं, और ललवानी जी द्वारा दिए गए तथ्यों को झुठलाया नहीं जा सकता, मगर आंकड़ो के परे जो कहानी हो सकती है उसे समझने के लिए तर्क वितर्क की ज़रूरत होती है| OWLC को श्री ललवानी द्वारा दिए गए तथ्यों को चुनौती देते तर्क दिए कांग्रेस से इंदौर की प्रभारी डॉक्टर विजयलक्ष्मी साधो ने| उन्होंने कहा की पिछली कमल नाथ जी की सरकार ने बहुत ही सराहनीय और जनता से सारोकार रखने वाले कार्य किये जिसमे माफिया राज का खात्मा और किसान ऋण माफी योजना प्रमुख रही ।  आज युवा बेरोजगार है यह सरकार हम दो हमारे दो पर ही काम कर रही है । 



दूसरा प्रदेश में वातावरण कुछ ऐसा निर्मित हो रहा है कि जनता घुटन महसूस कर रही है । अभी हाल ही में चार बार के नम्बर वन रहे इंदौर शहर की घटना ने दागदार बना दिया । इंदौर नगर निगम ने बुजुर्गो की व्यवस्था करने के बजाय कचरा गाड़ी में बिठा कर शहर के बाहर फेंकने का कृत्य किया । फिर जनता में वो आक्रोश आज भी हिचकोले खा रहा है जिसके कारण कमल नाथ जी की सरकार को खरीद फरोख्त कर गिरा दिया ।। इन्होंने democracy को मजाक बना रखा है । Anti Incumbancy भी अपनी गहरी पैठ जमा चुकी है| संजय शुक्ला के चयन के बारे में पूछने पर श्रीमती साधो ने कहा की संजय शुक्ला जनता की आवाज़ है|



पिछले दिनों जब कमलनाथ जी इंदौर आये थे तब उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओ को ताकीद की थी| उन्होंने कहा था की हम बी जे पी प्रत्याशी नहीं, बी जे पी संगठन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं| आज शंकर ललवानी जी के बयान ने कमलनाथ जी इस बात को सच साबित किया है और यकीनन इस बार इंदौर में मेयर पद का चुनाव बड़ा दिलचस्प होने वाला है क्यूंकि दो धुर प्रतिद्वंदी ना सिर्फ आमने सामने है, बल्कि एक दूसरे की ताकत और कमजोरियों को बारीकी से पहचानते भी है|  

 


 

 

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