कार्य सम्राट राजुल ताई को जन्म दिवस पर शुभेक्षा





11 मार्च का दिन और शाम, जोगेश्वरी और वर्सोवा की गलियों के लिए बड़ा ख़ास होता है क्यूंकि इस दिन, इन गलियों में कार्यसम्राट राजुल ताई का जन्मदिवस मनाया जाता है| लोग चाहें कितने भी व्यस्त क्यूँ ना हो, इस एक दिन वो राजुल ताई को बधाई देने के लिए ज़रूर पहुँचते हैं| लोगो का कहना है की राजुल ताई जब पूरे साल एक आवाज़ पर हमारी मुश्किल घड़ी में हमारे साथ होती है तो फिर आज उनके जन्मदिवस पर उनसे मिलना हमारी भी ज़िम्मेदारी है|



बाला साहिब की बाघिन के नाम से मशहूर राजुल ताई ने शिवसेना के परचम तले मुंबई शहर के कई मौसम देखे हैं, फिर चाहे वो दंगे हो, बिल्डर्स की मनमानी हो या फिर अंडरवर्ल्ड का दबदबा हो, राजुल ताई हमेशा ढाल बनकर अपनी पार्टी और अपने लोगो के साथ खड़ी रहीं|



शिवसेना की इस रणरागिनी को बाला साहेब ठाकरे ऊर्जा का कभी ना थकने वाला अजस्त्र स्त्रोत मानते थे| 1992 - 93  में शिवसेना में अपनी सबकी लाडली अवतरित हुई । तब से लेकर आज तक इस शेरनी की दहाड़ कभी भी शांत नही हुई । कितने ही लोगो ने इनके किले को ढहाने की कोशिश की मगर असफलता ही हाथ लगी ।  महिला विभाग संघटिका, जुझारू, कर्मठ, आपकी आवाज से पहले आपके दरवाजे पर दस्तक देने वाली नगरसेविका एक ऐसा नाम शेरनी जिस नाम से स्वयं शिव सेना प्रमुख स्व. बाला साहेब ठाकरे जी ने  नवाज़ा।



 आज भी उनकी कार्यशैली और कार्यकुशलता दोनों को चरितार्थ करता है । एक ऐसा नाम जिसे गली गली में गूंजते नारो से सारोबार गुंजायीमान बना दिया । हर घर की हर चौखट पर एक ही नाम दर्ज है वो है राजुल ताई पटेल । ऐसी अलौकिक, अदम्य और साहसी शक्ति को उनके जन्मोत्सव के पावन पर्व पर उनकी दीर्घायु के लिए  कोटि कोटि अनंत शुभेच्छा




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