Meera- Bhayendar NCP leader Crisis: लीडरशिप क्वालिटी का प्रमोशन या फिर लीडर-शॉप का विमोचन

 



लोक-तंत्र, जब इस शब्द का संधि विच्छेद किया जाता है तो दो शब्द प्राप्त होते हैं, पहला है लोक, यानी लोग, या फिर यूँ कहें की मतदाता और दूसरा है तंत्र, यानी वो व्यवस्था जो लोगो की बात सुनती है और उनके best interest serve करने के इरादे से काम करती है| राजनीती शास्त्र के विशेषज्ञ मानते हैं की लोक और तंत्र में आपसी समन्वयन और संतुलन होना अत्यंत आवश्यक है वर्ना गाडी पटरी से भी उतर सकती है| अब आप सोचेगे की गलती कहाँ होती है, गलती तब होती है जब तंत्र यानी सिस्टम लोगो के राय के विपरीत वातनुकूलित साउंड प्रूफ कमरों में बैठ कर लीडरशिप से सम्बंधित निर्णय करता है|



कुछ ऐसा ही नज़र आ रहा है, मीरा रोड- भयंदर ( Meera Road-Bhayandar) के NCP नेतृत्व के मामले में| अभी दो दिन पहले ही, भारत की बात के लिए एक स्टोरी कवर करते वक्त हमने, मीरा रोड-भायंदर में खुले NCP  के नए कार्यालय में कार्यकर्ताओ और आम लोगो का मिजाज़ परखा था| उस समय पार्टी की मीरा रोड-भायंदर इकाई के अध्यक्ष थे श्री संतोष पेंडुरकर| जिस कुशलता के साथ उन्होंने सिख समुदाय और व्यापारी वर्ग को NCP का मंच प्रदान किया था उसे देख कर लग रहा था की एक नयी तरह की Socio-Political सरंचना हो रही है, जहाँ बी जे पी द्वारा उठाये गए प्रांतवाद और धर्म से जुड़े मुद्दे फीके पड़ जायेंगे क्यूंकि अब बात होगी रोज़ी रोटी, रोज़गार और अर्थव्यवस्था की|



मगर मीरा-भायंदर के पोलिटिकल पंडित तब हैरान रह गए जब ये खबर आई की श्री संतोष पेंडुरकर को हटा दिया गया है और उनकी जगह किसी और को आयात कर के मीरा- भायेंदर एनसीपी के अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजित करने की तैयारी चल रही है| श्री शरद पवार के loyalist और पार्टी के अथक कार्यकर्ता श्री संतोष पेंडुरकर आज भी पार्टी के आदर्शो में पूरा यकीन रखते है, मगर वो खुद भी भौचक्के रह गए जब उन्हें पता चला की मीरा रोड भयेंदर के लिए नितांत अजनबी चेहरा अब उस जन समुदाय को लीड करेगा जो एन सी पी के परचम तले एक आदर्श समाज की स्थापना का स्वप्न देख रहा है|



जन समुदाय में ये भावना घर कर गई है की एन सी पी अध्यक्ष की कुर्सी कुछ निहित स्वार्थो के वजह से एक अनजान आदमी के हाथो में सौंप दी गयी है| कार्यकर्ताओ में लीडरशिप क्वालिटी प्रमोट करते करते कहीं एन सी पी भी तो अन्य पार्टियों की तरह लीडर-शॉप नहीं बन गई है, जहाँ पद बेचे और खरीदे जाते हैं ताकि भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सके|

इस ताज़ा खबर पर भारत की बात ने एन सी पी के निवर्तमान अध्यक्ष श्री संतोष पेंडुरकर से एक्सक्लूसिव बातचीत की और अन्दर की बात का पता लगाया| इस विडियो का अवलोकन अधोलिखित लिंक पर किया जा सकता है|

 https://youtu.be/pyktRu8s5XE

 


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