सेल्फीचिल्ली कार्यकर्ता भी कांग्रेस और भाजपा की छवि को पूरा का पूरा सडक के सीमेंट में मिला रहे हैं

 



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प्राचीन काल के शेखचिल्ली अब रूप बदल कर सेल्फीचिल्ली बन गए है, इनका काम होता है, किसी भी आयोजन में पहुँच जाना, पांच मिनट के लिए सेण्टरस्टेज पर पहुंचना, अपने सेल्फीसंगी चेलो से फोटो खिंचवाना और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर के “लाइक, लव” और “दादा तुम ग्रेट हो” का खेल खेलना| कांग्रेस इस मामले थोड़ी स्ट्रिक्ट है, मगर बीजेपी का तो हमेशा की तरह राम ही मालिक है| इससे पहले की इंदौर में चुनाव का माहौल पहले संजीदा और फिर तनावपूर्ण हो, आप इन सेल्फीचिल्लियो के कारनामे अपने गली कूचो में देख कर मुस्कुरा भी सकते हैं और ज़रूरत पड़े तो ठहाके भी लगा सकते हैं|



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  “लोकल नेता फोटो खिंचवाए, आई टी सेल आरती गाये” वाला प्रचार जोरो पर है

पिछले दिनों आये कमलनाथ जी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एक पते की बात बता कर गए| उन्होंने साफ़ कहा की युवा वर्ग सोशल मीडिया पर सब कुछ देख रहा है, उसे सही भाषा में इम्प्रेसिव तरीके से सही ज्ञान दीजिये, वर्ना वो आपको अच्छे खासे सबक सिखा देगा|  अगर मैं संजय दृष्टि से कुछ भाजपा के कार्यकर्ताओ की गतिविधिया देखूं तो पता चलता है की अखंड रामायण के पाठ में गए नेता जी “अधर्म का नाश हो कहते कहते, “कांग्रेस का नाश हो” का भी नारा लगा बैठते हैं| उसके बाद आई टी सेल एक्टिव होती है, गूगल को SEO का प्रसाद चढ़ाया जाता है और बन्दा ट्रेंडिंग हो जाता है| मगर ऐसा करने वाले प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओ को ये नहीं भूलना चाहिए, की इन्टरनेट पर वायरल होना, वायरल बुखार होने की तरह ही है जो दो चार दिन में उतर जाता है|




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निकाय चुनाव के तलबगारो इन्टरनेट और थर्ड पार्टी प्रमोशन की ताकत को पहचानो  

अपनी गली में आप कितने भी ढोल ताशे पीट लें मगर गूगल की गली में आपका मकान नहीं है तो पूरे चांसेस है की आपको कोई नोटिस नहीं करेगा, खुद ही सोचिये, आप दिन में कितनी बार गूगल को कंसल्ट करते हैं| इंदौर जैसे बड़े शहरो में  यू-ट्यूब चैनल्स और न्यूज पोर्टल कोने कोने की खबर पर नज़र गढ़ाए हैं, अगर आप का सोशल सर्विस प्रोफाइल इन माध्यमो पर नज़र नहीं आता तो याद रखिये आप अपनी गली में ही गुमनाम ज़िन्दगी जी रहे है| आसपास देखिये तो सही, हर नज़र तो स्मार्टफ़ोन में झुकी है, अगर आप वहां नज़र नहीं आ रहे तो समझिये आप दुनिया में हैं ही नहीं| इन जोशीले प्रत्याशियों को समझना पड़ेगा की ऊपर वाले के दरबार में आपकी हाजिरी परलोक सुधार सकती है, निकाय चुनावो में अपनी हालत सुधारने के लिए आपको इन्टरनेट की मदद लेनी होगी और अपने  कार्यो को प्रचारित करना होगा|  


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राजनीति का सबाब कमाना है, निकाय चुनाब में ख़िताब पाना है तो डिजिटल दुनिया में कदम बढ़ाइए, वार्ड की गलियों के साथ गूगल की गलियों में भी कदम जमाइए| 



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