पैठानी का इनाम खुशियों की कमाई, राजुल ताई ने सरस गोष्ठी जमाई

 


सोनी के गॉसिप कार्नर में आपका स्वागत है| कोरोना महामारी के दौरान मोदी जी ने एक्ट लोकल का जो नारा दिया था वो मुंबई में काम नहीं आया क्यूंकि यहाँ की लोकल ट्रेन जो बंद थी| वैसे मोदी जी को में ये बता दूँ की हम मुंबईकर तो कोरोना के आने से पहले ही एक्ट लोकल के फार्मूले में यकीन रखते थे| अब थोडा ट्विंकल खन्ना की तरह वर्ड प्ले करती हूँ, हम मुंबईकर है, हमारी लोकेलिटी ही हमारी फॅमिली है| कहने को हम छोटी छोटी Nuclear families में रहते हैं मगर जितना बड़ा परिवार हमारा है उतना बड़ा परिवार आपको इंडिया के किसी और शहर में देखने को नहीं मिलेगा|

एक ऐसे ही परिवार ने पिछले दिनों “खेल पैठ्नीच २०२१” का आयोजन किया| वार्ड नंबर ५९ में आयोजित हुआ ये कार्यक्रम कई मामलो में स्पेशल था, सबसे पहली बात तो इसे हम कोरोना काल के बाद के पहला त्यौहार भी कह सकते हैं, क्यूंकि इस से पहले हम सखियों को गप्पा शप्पा लड़ाने के मौके ही कहाँ मिलते थे| शायद इसीलिए “सखियों की सखी” राजुल ताई ने “खेल पैठ्नीच २०२१” के ज़रिये, हम सभी सखियों को “कोरोना के बाद न्यू नार्मल” में फिर से ज़िन्दगी की खुशियों को बटोरने का ये मौका दिया|

कार्यक्रम को एक अलग अंदाज़ में डिजाईन करने की ज़िम्मेदारी उठाई प्राइम की प्रतिभा खोपड़े, अजय कौल सर और विधानसभा संयोंजक शैलेश दादा फेनसे ने| इस काम में श्रीमती प्रीती पाटकर ने सक्रिय भागीदारी निभाई और वार्ड समिति अध्यक्ष प्रियंका पाटकर ने ज़िम्मेदारी ली की कोरोना के बाद जागे इस बृहत परिवार के मधुर मिलन में कोई कोर कसर बाकी ना रहे| इस कार्यक्रम की सबसे खास बात रही, उस संस्कृति का पुनर्जागरण जो मुंबई को शिवसेना और स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की ओर से विरासत में मिली है|  शाखा प्रमुख सतीश परब की भांजी और महिला उपखंड संयोजक श्रीमती जागृति ने कोरोना के कारण बिखरे इस परिवार को समेटने का मुश्किल काम अंजाम दिया|



इस कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का लगाया नृत्य, संगीत और क्रीडा ने, रस्साकशी हुयी, जहाँ इनाम पर रखी गयी थी कई पैठानी साड़िया| हल्का फुल्के माहौल में उपखंड प्रमुख राजेश शेट्ये और श्रीमती स्नेहल मोर ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई| महिला सभा संयोजक श्रीमती बेबी पाटिल और उनके साथ श्रीमती शीतल सावंत ने इन खेलो का सञ्चालन भी किया और कई मौकों पर जज की भूमिका भी निभाई| प्रशांत कशिद सर के मुस्कुराते चेहरे ने सभी प्रतिभागियों के मनोबल हमेशा ऊंचा रखा|

जैसा की राजुल ताई के हर कार्यक्रम में होता है जहाँ मनोरंजन की चाशनी में सन्देश की immunity ज़रूर छिपी होती है| ये कार्यक्रम भी इस अनूठे अंदाज़ से अछूता नहीं था, पिछले सात या आठ महीनो में मेयर साहब ने सैकड़ो कोविड योद्धाओ को सम्मानित किया था| राजुल ताई ने “खेल पैठ्नीच २०२१” के मंच पर उन्हें कोविड योद्धा का सम्मान देकर सभी को याद दिला दिया की कोरोना के खिलाफ ये लड़ाई उनके कुशल नेतृत्व के बिना संभव ही नहीं थी|

अब सोनी वापस लौटती है  ट्विंकल खन्ना जी की बुक्स  पर, मैंने उनकी बुक्स पढ़ी है, सचमुच महिलाओ के लिए तो बहुत Inspirational है, जी हाँ, बोरिंग नहीं है, inspirational हैं| शोभा दे और ट्विंकल खन्ना जी ने मुंबई की हाई सोसाइटी में रहने वाली महिलाओ के जीवन का जो चित्रण किया है, वैसा ही जीवन चाल और बिल्डिंग्स में रहने वाली महिलाये भी जी रही है, कम से कम fun quotient और सोशल इमोशन के बारे मैं तो मेरे इस स्टेटमेंट को कोई गलत साबित कर ही नहीं सकता|  “खेल पैठ्नीच २०२१” का दूसरा संस्करण बहुत ही जल्दी आयोजित होगा और में इसमें ट्विंकल खन्ना जी को आमंत्रित करती हूँ, वो आये, हमारे जीवन के इस fun और celebration मैं शामिल हों और अपनी बुक्स में जीवन के इस पहलू को भी जगह दें|


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