Morena Hooch Tregedy: मुकेश अम्बानी सोचते रह गए, जहरीली शराब कांड के आरोपी मुकेश किरार ने मुरैना में कर दिखाया

 


मुरैना में ज़हरीली शराब कांड ने कल एक बार मैनेजमेंट गुरुओ को सोचने पर मज़बूर कर दिया| अगर क्रिमिनल साइकोलॉजी के विशेषज्ञ इस आपराधिक घटना की स्टडी करेंगे तो पायेगे की दरअसल ये क्राइम किसी व्यक्ति विशेष ने कही किया है, इस क्राइम की उपज तो सरकार और समाज दोनों की मिलिभगत और बिगड़ी नीयत का परिणाम है| सरकार ज़रूरत से ज्यादा कर लगाकर मुनाफाखोरी कर रही है और समाज करचोरी के माध्यम से मुनाफा कमाना चाहता है|

अम्बानी का business model और ज़हरीली शराब की फार्म फ्रेश खेती

वैसे मुरैना में ज़हरीली शराब के business मॉडल को समझने के लिए आपको मुकेश अम्बानी जी की एक परीकल्पना को बारीकी से समझना पड़ेगा| मुकेश जी पूरे भारतवर्ष में खेतो के साथ जुडी हुयी लघु प्रोसेसिंग यूनिटस लगाना चाहते हैं, इसका मतलब ये की जो आलू दाम ना मिलने की वजह से खेत मैं सड रहा है उसे वही पर प्रोसेस करके पापड और चिप्स बनाए जाए और फिर स्माल पैकेजिंग यूनिट में  preserve और पैक करके उन्हें सीधे मार्किट में पहुँचा दिया जाए| ये आईडिया टमाटर और प्याज़ के लिए तो किस वरदान से कम नहीं है क्यूंकि दोनों ही perishable है और बम्पर पैदावार के केस में किसानो को मुसीबत में भी डाल देते हैं|



लागत दस रूपये, कीमत सात सौ रूपये

कृषि कानूनों की सतह पर “फार्म फ्रेश” का ये कांसेप्ट उस जगमगाते हीरे की तरह है जिसे कोई नकार ही नहीं सकता| ये कपोल कल्पना नहीं है, ऐसा अमेरिका में हो रहा है, वहां तो नौबत ये है एक खेत में आपको चार या पांच तक प्रोसेसिंग यूनिट और पैकेजिंग यूनिट नज़र आ आती है| कल्पना कीजिये, मुरैना में सरसों के खेत में स्माल पैकेजिंग और प्रोसेसिंग यूनिट लगी हो जिसकी वजह से सीधे सीधे वहां से शीशी या कनस्तर में बंद कच्ची धानी का शुद्ध तेल बाहर आये और मार्किट में सप्लाई हो| ऐसा करने से किसान की मेहनत बचेगी, शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जा सकेगा और दाम भी काबू मैं रहेगे| कल्पनाशीलता को थोडा और आगे ले जाते हैं, सरसों की कटाई के दौरान जो पीली पत्तिया खेत में बिखर जाती है उन्हें साबुनीकरण जैसी सिंपल प्रक्रिया के द्वारा साबुन में नेचुरल ingredient की तरह जोड़ा जा सकता है|

ये शेखचिल्ली की वाणी नहीं है , अमेरिका में ऐसा हो रहा है, वहां आपको एक खेत में दो या तीन या फिर ज्यादा प्रोसेसिंग प्लांट्स भी देखने को मिल सकते हैं, तने की प्रोसेसिंग अलग से, फ्लावर्स की प्रोसेसिंग अलग से और मुख्य नकदी फसल की प्रोसेसिंग अलग से|  और हाँ ये भी बता दूँ , अमेरिका के “फार्म फ्रेश आर्गेनिक मस्टर्ड सोप्स” दिल्ली से लेकर दुबई सात सौ से आठ सौ रूपये प्रति बट्टी के हिसाब से बिकते हैं|



फार्म फ्रेश नकली शराब आपके गौदाम आपके अंगने मैं

कच्ची भट्टी की शराब पीने वालो में एक शब्द बड़ा प्रचलित है इसे कहते हैं “पहली धार की शराब” शराब कांड का मुख्य आरोपी मुकेश किरार   जहरीली शराब के suppliers को पहली धार की शराब पांच साल से उनकी घर आंगन में बना कर बेच रहा था| ऐसा करके उसने अपनी इन्वेंटरी को “जस्ट इन टाइम” इन्वेंटरी में बदल लिया, मतलब ये की जितनी डिमांड हो बस उतनी ही शराब तैयार की जाए| इस तरह से business का decentralization हो जाता था और कोई बड़ा supplier निगाह में भी नहीं आता था|



 अगर शुरुआती तफ्तीश को सही माना जाए तो ये कामयाब business model पिछले पांच सालो से बड़े ही कारगर तरीके से काम कर रहा था| लॉक-डाउन के दौरान भी मुरैना में इस तरह की शराब जम कर सप्लाई की गयी थी और इस निकाय चुनाव में इस business का peak सीजन आने वाला था|

क्रिमिनल सरकार से कितने आगे चलते हैं इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है की मध्य प्रदेश सरकार जब शराब की ऑनलाइन  होम डिलीवरी शुरू करने पर विचार कर रही है उस समय नकली शराब के निर्माता “होम मैन्युफैक्चरिंग” यानी सप्लायर के घर पर शराब की मैन्युफैक्चरिंग पांच सालो से कर रहे हैं|



वैसे तो पिछले दिनों आबकारी नीति में परिवर्तन की घोषणाये भी हुई है| मगर ये परिवर्तन सिर्फ कमलनाथ जी की नीतियों को गलत साबित करने की एक कोशिश भर है| राज्य मैं गिने चुने लोग कार्टेल बनाकर शराब बेचे या फिर शराब की दुकान के लाइसेंस को मेडिकल शॉप के लाइसेंस की तरह बाँट दिया जाए, दोनों ही बातो से नकली शराब के कारोबार को ज़्यादा फर्क नहीं पड़ेगा| फर्क तब पड़ेगा जब price variance को एड्रेस किया जाएगा| मतलब ये की मध्य प्रदेश में भी शराब उत्तर प्रदेश या राजस्थान के बराबर दामो पर बिकने लगेगी|



 

Bibliography

Dixit, S. (2021). चौबीस मौत के बाद जागा आबकारी महकमा, जगह जगह मिल रही हैं अवैध शराब की पटिया . MP Breaking News , https://mpbreakingnews.in/morena/illegal-liquor-boxes-are-being-found-everywhere/.

Rajput, R. S. (2020). मुरैना की घटना पर कमलनाथ का वार, शिवराज की माफियाओ के लिए सिर्फ फ़िल्मी डायलाग से काम नहीं चलेगा. MP Breaking News , https://mpbreakingnews.in/breaking-news/ex-cm-kamal-naths-attack-on-morena-incident-shivraj-ji-only-film-dialogue-will-not-work-for-mafia/.

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