Hooch Tragedy Morena: कहीं “पीपली लाइव” की कहानी तो नहीं दोहरा रहा मुरैना जहरीली शराब हादसा

 

ये बात में अपने हर पाठक से कहना चाहता हूँ,  अपनी शक्ति पहचानिए, जनाब आप वोटर है, आप जनता जनार्दन है|

 मीडिया हो, प्रशासन हो या राजनेता हो ( including Respected Chief Minister sir), हम सभी आपके कारिंदे भर है, आज मुरैना में हुए हादसे को लेकर हम गुस्सा नहीं शर्मिंदा है| चूक हमारी है, कमी हमारे भीतर है| हम सो रहे थे, इस वजह से जिले के खेतो में ज़हरीली शराब की खेती हो रही थी| मगर अब हम जाग चुके हैं|  पिछले चौबीस घंटे में इस कांड की जांच में क्या क्या हुआ इसका एक ईमानदार लेखा जोखा आपकी पेशे-नजर है|

 


Morena Hooch Tragedy पर अब तक की स्टॉप प्रेस खबर

अगर मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो मुरैना में ज़हरीली शराब कांड की तफ्तीश करते वक़्त पुलिस को कई गाँवों के खेतो में नकली शराब के पव्वे और अद्धे बोरियो में भरे मिले हैं| हाल ही में इन मौत को कवर करने के लिए जब नेशनल और स्टेट स्तर की मीडिया के कैमरों ने नज़रे घुमाई तो कुछ ग्रामवासियों में दम आई और उन्होंने दबे स्वरों में कहना शुरू किया की यहाँ तो कई घरो में शराब का व्यापार होता है|

कैमरों और फ़्लैशलाइट की चमक में अनुशासित बनी हुई मुरैना पुलिस के तलाशी अभियान ने तकरीबन  साबित कर दिया की नकली शराब और कच्ची शराब की भट्टिया बीहड़ के कुछ गावों के लिए आमदनी का सबसे बड़ा जरिया हो सकती है|



आज की स्टॉप-प्रेस खबर ये है की पुलिस ने दो आरोपियों को पकड लिया है| इधर कमलनाथ ( Kamalnath) जी ने शिवराज सिंह (Shivraj Singh) जी से कहा है की “मूंह चलाने और सरकार चलाने में अंतर है  (Rajput, 2020) |”

तबादलों का सिलसिला आज भी जारी रहा,  आबकारी विभाग ने दतिया से श्रीमती निधि जैन को मुरैना में आयात कर लिया है| जांच आगे बढ़ी है,  अठारह तारीख को जहरीली शराब मामले में एक रिपोर्ट भी आने वाली है|

सोया हुआ विपक्ष अब करवट लेकर जागा है, कांग्रेस के नेता इसे उज्जैन में हुए शराब कांड से जोड़ रहे हैं, वही मुरैना जिले में पदभार सँभालते ही नए कलेक्टर साहब ने पीड़ित परिवारों को इक्कीस हज़ार रूपये देने का एलान कर दिया है| ज़रूरी बात ये है की ये एलान करते वक्त वो खनन माफिया को भी चेतावनी देते हुए नज़र आये हैं|

 ग्वालियर से प्रकाशित समाचार पत्र स्वतंत्र समय ने कांग्रेस पार्टी के श्री अजब सिंह कुशवाह ( Ajab Singh Kushwah)  और बीजेपी नेता एदल सिंह ( Aidal Singh Kansana) के फ़ोन नंबर छाप कर जानकारी दी है की दोनों नेताओ “ कच्ची शराब व्यवसाय में राजनेताओ की भागीदारी के प्रश्न पर उत्तर देने के लिए उपलब्ध नहीं थे|  



लोकल मीडिया की दीदादिलेरी ने उम्मीदे जगाई है

मुरैना में हई चौबीस लोगो की मौत को सिर्फ एक हादसे की तरह, या फिर राजनेतिक मौके की तरह नहीं देखा जाना चाहिए|  सबसे पहले तो मैं खुले दिल से कुछ लोकल न्यूज़ पेपर्स और स्थानीय पत्रकारों की तारीफ़ करना चाहूँगा जिन्होंने दीदादिलेरी दिखाई और माननीय मुख्यमत्री जी और गृहमंत्री जी के फैसलों पर अपनी नाराजगी ज़ाहिर की|

 साथ ही में भर्त्सना करना चाहूँगा कांग्रेस पार्टी के उन नेताओ की जिन्होंने सम्मानीय नेता श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया  (jyotiraditya scindia) जी से मृतको के लिए पैंतीस लाख रुपयों की मांग कर डाली|



सारांश

मगर आज के दिन का सबसे दुःख भरा सारांश ये है की अब तक किसी ने इस हादसे को एनालिसिस की नज़र से देखा ही नहीं है|

 जहरीली शराब से पीकर लोगो का मरना सिर्फ रोग का लक्षण भर है, असल रोग तो मुरैना शहर के गाँवों में पनप रहा है जहाँ कच्ची शराब की भट्टिया, ब्रांडेड शराब की खाली बोतले और नकली स्टीकर मिलकर एक टकसाल बना चुके हैं जो  दिन रात काले धन की छपाई कर रही है|

मुरैना जिले में आबकारी विभाग की कमान संभाल रही श्रीमती निधि जैन के एक्शन का हमें इंतज़ार रहेगा| हम समझ सकते हैं की अभी उन्हें मुरैना से जान पहचान करने में वक्त लगेगा|

सुजीतनामा के कलमबद्ध करने की ज़िम्मेदारी निभाते वक्त में श्रीमती निधि जैन को जनमानस की ओर से सन्देश देना चाहता हूँ| मैं उनसे अपील करता हूँ की इस मुद्दे की जांच करते वक्त वो मुरैना शहर के socio-economic-political वातावरण पर एक निगाह ज़रूर डाल लें, क्यूंकि इस समस्या परमानेंट हल इसी समीकरण में छिपा है|




Rajput, R. S. (2020). मुरैना की घटना पर कमलनाथ का वार, शिवराज की माफियाओ के लिए सिर्फ फ़िल्मी डायलाग से काम नहीं चलेगा. MP Breaking News , https://mpbreakingnews.in/breaking-news/ex-cm-kamal-naths-attack-on-morena-incident-shivraj-ji-only-film-dialogue-will-not-work-for-mafia/.


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