आन्दोलन गुज़र गया गुबार कुरेदते रहे...

 



सर्दी और बरसात के बीच आन्दोलन की फसल को साठ दिन किसानो ने सींचा उसे छह घंटे में कुछ आवारा टिड्डे चट कर गए| आज सनी देओल को पता चल गया होगा की असली दुनिया में खलनायक किस तरह के होते है| डायलाग पर डायलाग चटकाने वाले सनी पाजी के मूंह पर ताला लगा है| सोशल मीडिया पर जो तस्वीरे वायरल हो रही है उनका क्या जवाब है| दरअसल वो तस्वीरे ये भी बताती है की किसान आन्दोलन के आयोजको को पता था की किस तरह के लोग उनके साथ है| क्या कंगना रानावत दीप सिद्धू और सनी देओल के कनेक्शन के बारे में ट्विटर पर कोई सवाल या बयान पूछेगी या नहीं, ये शोध का विषय है|

आज जिस तरह आँखों में आंसू और चेहरे पर शर्म लिए किसान अपने घरो की ओर वापस लौट रहे थे तब उन्हें देख कर लगा की दाल पूरी तरह काली नहीं है, ईमानदार किसान भी शामिल थे इस भीड़ में| खैर, साहब किसान नेताओ पर जो कार्यवाही होगी वो तो होगी ही मगर मीरा रोड और भायेंदर में रहने वाला हर नागरिक मुक्त कंठ से दीप सिध्दू को कड़ी कड़ी से सजा देने की मांग कर रहा है| जिस तरह लाल किले को पुलिस ने दीप सिद्धू के हवाले कर दिया था, काश उसी तरह वही पुलिस दीप सिद्धू को मीरा रोड और भायेंदर की महिलाओ के हवाले कर दें तो वो इस फिल्म कलाकार का ऐसा मेकअप कर देंगी जो इस देश के लिए मिसाल बन जाएगा|

 आन्दोलन गुज़र गया या कोई नया रूप अख्तियार कर सकता है



समाज सेवक और किसान “भगवान कौशिक” मीरा रोड की प्रबुद्ध राजनेतिक हस्तियों में गिने जाते हैं, कौशिक की बड़ी बारीकी से इस आन्दोलन के कई पहलुओ का अध्ययन लगातार कर रहे थे| पिछले कई वर्षो से वो देश की राजनीति को बड़ी बारीकी से परख रहे है, उनके इसी ज्ञान को सलाम करता रहा है मीरा भायंदर के राजनेतिक गलियारे| आन्दोलन किन नए रूपों में जगह बना सकता है, इसका आंकलन उन्होंने “भारत की बात” के दर्शको के लिए किया|



कौशिक जी के विचारो का “आमना सामना” हमने करवाया सधी हुयी कलम के धनी श्री “अनिल तिवारी” जी की ओजस्वी विचारधारा” से, तलवार जैसे नुकीले शब्द और न्यायाधीश जैसा सपाट चेहरा लिए अनिल जी ने केंद्र और पुलिस प्रशासन के सामने कुछ ऐसे ठोस सवाल रखे जो आन्दोलन की भगदड़ के गुबार में दम तोड़ रहे थे|

“भारत की बात” में इस विचारोतेजक विडियो को देखा जा सकता है इस लिंक पर.  

आमना-सामना - YouTube

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