इंदौर का मेयर कैसा हो, बिल ब्लासियो जैसा हो?

 






स्वच्छता सर्वे में लगातार मिली जीत से आल्हादित इंदौरवासी अब अंतरराष्ट्रीय आसामान की तरफ देख रहे हैं| अगर हम इंडिया के नंबर वन है, तो फिर हमारा हक है की दुनिया के बेहतरीन शहरो के मानचित्र में भी हमारा नाम शुमार हो| इसी के मद्देनजर इस बार इंदौर के मेयर का चुनाव राजेनेतिक दृष्टिकोण से गेम चेंजर साबित हो सकता है| माननीय शिवराज सिंह चौहान जी और चुनाव आयोग के मिले जुले प्रयासों से दो और बाते बदली है| पहली बात ये की नए कोरोना स्ट्रेन के आने के बाद जिन स्थितियों का निर्माण हो सकता है उनमें इतने व्यापक पैमाने पर चुनाव करवाना खतरे से खाली नहीं था| दूसरी बात ये की अगले चुनावो की मतदाता सूची में युवा मतदाताओ के नाम भी जुड़ जायेंगे| 

नेशनल नहीं इंटरनेशनल सोचिये भाई साहब...आफ्आटर आल आप इंदौर मैं हैं.... 

शहर मैं सफाई कूड़ेदानो से नहीं होती, शहर साफ़ रहता है जब शहर के लोग कूड़ेदानो का सही इस्तेमाल जानते हैं| इंदौर के लोगो ने पूरे भारतवर्ष के लिए एक नजीर पैदा की है| इस चुनाव में मेयर की शक्ल में वो चाहते हैं एक ऐसा चेहरा जिसकी समझबूझ के पायदान देसी गलियों में गढ़े हो मगर जिसकी नज़र न्यूयॉर्क और दुबई जैसे बड़े शहरो पर हो| इंदौर शहर के क्रमिक विकास की उस पायदान पर खड़ा है जहाँ से उठाया गया सही कदम उसे अंतरराष्ट्रीय शहर बना देगा|

मुंबई और दिल्ली को हराया है भाई थोडा तो इतरा लेने दो

मुंबई और दिल्ली जैसी महानगर पालिकाओ के बजट के सामने इंदौर का सालाना बजट जूते के फीते के बराबर था, मगर इसके बाद भी इस शहर के वासियों ने दिखाया की शहर तब साफ़ होता है जब रहने वालो के दिल साफ़ होते हैं| जिस तरह महेंद्र सिंह धोनी के आने के बाद विश्व कप में पिटी हुई, आरोपों से जूझती भारतीय टीम ट्वेंटी ट्वेंटी का वर्ल्ड कप जीत लाई थी, उसी तरह आज इंदौर को भी ज़रूरत है एक ऐसे मेयर की जिसके पास शहर को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्लान्स हो और जो इस शहर के निवासियों की सकारात्मक ऊर्जा का सही इस्तेमाल कर सके क्यूंकि वो खुद भी ऊर्जावान और दिल से युवा हो|



बिल ब्लासियो का चेहरा कैसा है ??

आइये आपको बिल ब्लासियो से मिलवा दे, न्यूयार्क शहर ने अपने पिछले मेयर बिल ब्लासियो को दो बार लगातार मौका दिया, ब्लासियो के काल की सबसे बड़ी ख़ास बात थी न्यूयॉर्क के मुद्दों पर उनकी बारीक नज़र, उन्होंने कहा की विकास ट्रैफिक सिग्नल लगाने से नहीं बल्कि शहर के लोगो में ट्रैफिक सेंस लाने से होगा| मेयर बनने के बाद भी ब्लासियो हमेशा कॉमन मेन ही बने रहे| शहर की गलियों में उनका आना जाना लगातार बना रहा|

क्या इंदौर वासी भी अपने नए मेयर से इसी तरह की उम्मीद रखते हैं, क्या इंदौरवासी भी अपने मेयर की शक्ल में एक डायनामिक पर्सनालिटी को देखना चाहते हैं जो केंद्र और राज्य की योजनाओ के परे भी शहर में इन्वेस्टमेंट लाने का दम रखता हो, या फिर उन्हें चाहिए एक पार्टीपत्रितहाईकमान की राजाज्ञा से सज्जित पैराशूट उम्मीदवार जो किसी पार्टी का चुनाव चिन्ह दिखा कर अगले पांच साल के लिए इंदौर शहर  के नगरीय प्रशासन का भाग्य विधाता बन जाएगा|

 


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