बाबू मोशाय ये दुनिया लाइव टी वी डिबेट है और हम सब संबित पात्रा है....

 



राहुल गाँधी की ज़ुबान फिसले या इसरो का satellite कहीं फिसल जाए| पश्चिम बंगाल में गुंडागर्दी हो या चीन डोकलाम की सर्दी गर्मी हो| किसान आन्दोलन की रेलमपेल हो या मध्यप्रदेश में विधायको के जोड़ तोड़ का खेल हो| नरेन्द्र मोदी जी के बाद अगर बीजेपी के कोई नेता पिछले दस सालो में सबसे ज्यादा टी वी पर नज़र आये हैं तो वो है संबित पात्रा| ये तक कहा जाता है की  छुटभैये एंकर अपने करियर मैं उतने बुलेटिन तक पढ़ पाते, उससे ज्यादा लाइव डिबेट में संबित जी शामिल हो चुके है| लाइव टी वी डिबेट की दुनिया के सचिन तेंदुलकर श्री संबित पात्रा की लम्बी पारी का रहस्य है ये तीन मंत्र और और तीन अवतार, अगर आप भी डिबेट करना और जीतना चाहते है तो पात्रा जी के इन मास्टर् स्ट्रोक्स को बारीकी से परखिये और अपने जीवन में उतारिये|



चीख चिल्लाहट का राग (Screamer)

लाइव टीवी डिबेट में आपके जीतने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है अगर आप चीख चिल्ला कर अपनी बात रख सकते हो| ऐसा करते वक्त आपको याद रखना होगा की अगर कोई दूसरा चीख रहा है तो फिर आपकी आवाज़ में दम होना चाहिए की आप उसकी आवाज़ को दबा सके| Argument और डिबेट की कला को अकादमिक स्तर पर पढ़ाते वक्त इस तरह के लोगो को Screamer का नाम दिया जाता है| याद रखिये, कई बार scream कर के अपने राइवल के हौंसले पस्त करना बहुत ज़रूरी हो जाता है| संबित जी के चीखने चिल्लाने की कला को सौरव गांगुली जी की बैटिंग से compare किया जा सकता है, वो इतनी नज़ाकत और टाइमिंग के साथ चिल्लाते हैं की सामने वाला हैरान रह जाता है| आप भी चीख चिल्ला कर सामने वाले व्यक्ति को ब्लड प्रेशर पिल पॉप करने पर मजबूर कर सकते हैं| वैसे अगर आप लो ब्लड प्रेशर के शिकार है और गोलियों से तंग आकर कोई अल्टरनेटिव उपचार ढूंढ रहे हैं तो अर्नब गोस्वामी के चैनल पर चुरयाने मोहल्ले के मछली बाज़ार में आये गेस्ट्स की बहस सुन सकते हैं| लो ब्लड प्रेशर के हाई होने की शर्तिया गारंटी है| मगर लाइव डिबेट की कला सीख रहे लोगो के लिए ये चैनल किसी गुरुकुल से कम नहीं है|   







कश्मीर की कली ढूंढें पतली गली (Sulkers)

हमेशा तो कोई भी सही नहीं हो सकता, हर आर्गुमेंट में जीत ही मिल जाए ये संभव नहीं है इसलिए संबित जी जैसे मंझे हुए प्रवक्ता कई बार “कश्मीर की कली ढूंढें पतली गली” का फार्मूला ढूंढते हैं| ये पैंतरा लगाने के लिए सबसे पहले आपको मुस्कुराते हुए कानो के बीच में होठों की रेखा खींचनी होती है, उसके बाद आप रब की तरफ देखते हुए प्रार्थना करते है की वो आपने प्रतिद्वंदियों को सद्बुधी दे, दरअसल उस समय आप ये माहौल भी बनाते हैं जिसे देख कर लगता है की आप सर्वज्ञानी है और आज जो आपसे जीत रहे है वो बीतते वक्त के साथ आपकी बातो को सही होता देखेंगे|  Argument और डिबेट की कला को अकादमिक स्तर पर पढ़ाते वक्त इस तरह के लोगो को Sulker का नाम दिया जाता है| Sulker का अवतार धारण करते समय याद रखिये, हार के जीतने वाले को बाज़ीगर कहते है |  संबित जी की मुस्कुराहट का आंकलन यदि सौंदर्यबोधग्राहिता के पैमाने पर किया जाए तो हम पायेंगे की कश्मीर की कली अवतार लेते समय बड़ी निर्दोष सी मुस्कुराहट उनके चेहरे पर होती है| झेंपना भी एक कला है और झेंपते हुए भी दुश्मन के खेमे में डाउट छोड़ जाने वाले को संबित पात्रा कहते हैं|



डिबेट में कॉफ़ी पीते हैं, हम तो इतिहास में जीते हैं (Historian)

बेचारे राहुल गाँधी जी जब जब अरुणाचल प्रदेश के किसी हिस्से पर चीन के कब्ज़े का मामला उठाते है, प्रकाश जावडेकर साहब नेहरू जी की नीतियों की किताब खोल कर बैठ जाते हैं| छींटाकशी होती है, टीवी एंकर चटखारे लेते हैं, अगर कोई डिबेट बिठाई जाती है तो सेना के रिटायर्ड अधिकारी अपनी खुद की लिखी हुई किताब के कुछ पन्ने पढ़ के सुना जाते हैं| मगर इस सब कहानी में वर्तमान कहीं गुम हो जाता है| डिबेट और डिस्कशन की दुनिया में ऐसे लोग हिस्टोरियन कहलाते हैं| आप भी ऐसे लोगो को दूर से पहचान सकते है| रियल लाइफ में अगर आपका सामना इस तरह के हिस्टोरियन से हो जाए तो अपने तथ्यों की आज़ाद हिन्द सेना को पतली गली से लेकर निकलने में ही भलाई है क्यूंकि ये लोग शब्दों और तथ्यों की हत्या के मामले में ऐसे लोग कई मामलो में हिटलर से कई गुना आगे होते हैं|

हिस्टोरियन प्रजाति के लोग अक्सर करके सन्दर्भ और प्रसंग को  छिपा कर तथ्यों का प्रदर्शन करते हैं, मसलन सन १९४७ में लिया गया निर्णय आज के परिपेक्ष्य में गलत हो सकता है मगर उस समय के परिपेक्ष्य में सही था| ये कुछ उसी तरह है जैसे ये पूछा जाए की शोले और बाहुबली में कौनसी फिल्म बड़ी हिट कहलाएगी और क्यूँ? ये तो था एक गलत सवाल क्यूंकि तुलना करने के पैमाने ढूंढना बड़ा मुश्किल है| अगर आप शोले की तुलना उसी दौर में रिलीज़ हुयी फिल्म जय संतोषी माँ से करे तो ये तुलना सही कहलाएगी|



तो जनाब, इस छोटे से लेख में, डिबेट की दुनिया के चक्रवाती राजा श्री संबित पात्रा की सूरत याद कीजिये और अपने सामने बैठे खिलाडी का मूड देखिये| इस आर्टिकल में हमने तीन मूड्स के बारे में आपको बताया है, वो है sulker, historian और screamer. तो अपनी रणनीति बनाइए और जुट जाइए| वैसे एक हेल्थ advise हम आपको और देंगे, अगर आपका ब्लड प्रेशर हाई है तो कपिल शर्मा की शरण में जाइए और अगर आपका ब्लड प्रेशर लो है तो फिर अर्नब गोस्वामी की रिपब्लिक फार्मेसी पर चौबीस घंटे इसका शर्तिया इलाज़ एक दम फ्री मिलता है|



Post a Comment

0 Comments